
हो रक़ीब तुम तो बता भी दो
ज़िक्र उनका ज़रा सुना भी दो
चिठी-पतरियां कई दिन भरे जो हूं
अब उसका जरा तुम पत्ता भी दो
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हो रक़ीब तुम तो बता भी दो
ज़िक्र उनका ज़रा सुना भी दो
चिठी-पतरियां कई दिन भरे जो हूं
अब उसका जरा तुम पत्ता भी दो
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