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कल..


हां,कुछ और समय बिताना होगा इसी कमरे में,जोर लगाना होगा डर से लड़ने में,

तो,निश्चित ही बेहतर होगा हर एक पलहर स्वप्न होंगे साकार तभी तो बेहतर होगा अपनाकल....

— Praveen Dhakar ❣️
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