वादा भी उसी का दगा भी उसी का;
वफा भी उसी का जफ़ा भी उसी का !
ये घायल बगावत करें भी तो कैसे;
दर्द भी उसी का दवा भी उसी का !
वादा भी उसी का दगा भी उसी का...
एतराज का मौका ही कहां दिया उसने;
जहर भी उसी का प्याला भी उसी का !
वादा भी उसी का दगा भी उसी का...
कदम ना लड़खड़ाता तो क्या हो जाता;
मंजिल भी उसी का रास्ता भी उसी का !
वादा भी उसी का दगा भी उसी का...
- प्रभंजन त्रिपाठी


