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वो शख़्श


आज वो शख़्श याद नहीं आ रहा जिसे भुला रहा हूँ ज़माने से,हाँ वही जिसकी याद में आज सुबह ही लौटा हूँ मैख़ाने से ।

— विचार_प्रत्यक्ष
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