तुम्हें चाहता हूँ मैं जैसे,
ऐसे कोई चाहेगा क्या,
पाया मैंने है तुमको जैसे,
ऐसे कोई पाएगा क्या
सोंचता हूँ मैं तुम्हें
उस रब की कसम
गाया मैंने है तुमको जैसे,
ऐसे कोई गाएगा क्या।।
लिया है जैसे तेरा नाम
कोई ले पायेगा क्या
छुआ है जैसे तेरे मन को
कोई छू पायेगा क्या।।
तुम्हें पुकारा मैंने जैसे,
पुकार कभी वो पाएगा क्या।
नाम तुम्हारे जीवन करके
आज जहाँ से चला गया ,
इससे दूर गया हो कोई,
कोई,
मुझे बताएगा क्या ?


