अंधेरी स्याह रातों में भी हर सिम्त उजाला है,

खुदा की रहमतों से भीगा तन-मन सारा है!


उसी के प्यार की खुशबू उसी की क़ुर्बतें वल्लाह

हमारी जीस्त में रौशन उसी का हर नजारा है!



प्रतिमा / @PratimaaWrites