हर ग़म भूला बैठा हूं जब से मुस्कुराना आया है
तेरी यारी ने बेवजह खिलखिलाना सिखाया है
यार मेरे लग जा गले आज क्यों तू मुझसे है परे
तेरे बिना तो मुझे अब तक जीना भी ना आया है
- प्रतिमा पांडेय


हर ग़म भूला बैठा हूं जब से मुस्कुराना आया है
तेरी यारी ने बेवजह खिलखिलाना सिखाया है
यार मेरे लग जा गले आज क्यों तू मुझसे है परे
तेरे बिना तो मुझे अब तक जीना भी ना आया है
- प्रतिमा पांडेय