कुछ बुरी बातें
कुछ बुरी यादें
और वो एक खतरनाक मंजर
जिसमें फैला था बस कोरोना का डर
बंद रहते थे कई लोग घर पर
कम पड़ गए थे अस्पतालों में बेड
बिछड़ गए थे अपने -अपनों से हम
इन सबको समेटे अपने संग ये पुराना साल जा रहा है
चलो करें नये साल का स्वागत यारों
खुशियों के फूलों से जीवन महकाने
हमारे ख्वाबों को हकीकत के पंख लगाने
कुछ नये दोस्तों, कुछ नये लोगों से मिलाने
हर इक चहरे पर मुस्कान सजाने
वो देखो नया साल आ रहा है..!
Pratima Pandey


