
काश ! तुम होती मां ...
तो हर पल पहले जैसा होता
घर में पसरा यह सन्नाटा
तेरी आवाज़ की खनक से भरा होता
तेरी झिलमिलाती हंसी से होती फिर हमारी हर सुबह
काश! तुम होती मां...
तो हर पल पहले जैसा होता
बहुत याद आता ह तेरा वो सूरज से पहले जग जाना
फिर मंदिर में ज्योत जलाना
तेरी पायल की मीठी झंकार से
घर के बच्चों की नींद का खुल जाना
बहुत याद आता है मां ..
तेरा वो मेरे हक के लिए लड़ जाना&nbs
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