मेरी सभी ख्वाहिशें वो हर हाल में पूरी करते हैं

मुझे खो देने के ख़्याल भर से ही बहुत डरते हैं

मेरे सपनों को उम्मीदों के रंग से भरा करते हैं

मेरी आंखों में आंसू देख कर वो सिहर उठते हैं

मैं हूं ना कह मेरी सारी चिंता झट से दूर करते हैं

चोट जब भी लगती है मुझे दर्द में वो तड़पते हैं

मैं उनके जिगर का टुकड़ा हूं सबसे कहते फिरते हैं

मुझे हंसता देख अपने सारे गमों को बिसरा बैठते हैं

खुशनसीब हूं मैं मेरे पापा मुझसे इतना प्यार करते हैं

- प्रतिमा पांडेय