मैंने इक कविता लिखी है प्रेमी तोता मैना के विरह की वेदना लिखी है ,
जाती के पिंजरे में डाल दिया जिन्हें समाज ने उनकी करूण व्यथा लिखी है ।
- प्रतिमा पांडेय


मैंने इक कविता लिखी है प्रेमी तोता मैना के विरह की वेदना लिखी है ,
जाती के पिंजरे में डाल दिया जिन्हें समाज ने उनकी करूण व्यथा लिखी है ।
- प्रतिमा पांडेय