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ख़ूबसूरत समा


जब हम मिले पहली दफाना तुम कुछ कह सके

ना मैं कुछ कह सकादोनों की खामोशियां

कर रहीं थीं बयांदिलों की सदा

कुछ इस तरह बंधाथा वो खूबसूरत समा ।

— PratimaPandey
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