खिले रहो, बने रहो
हंसते और हंसाते रहो
हो दुश्वारियां जीवन में लाख मगर
तुम गाते और गुनगुनाते रहो
अपनी हौसलों भरी मुस्कान से
मुश्किलों के पसीने छुड़ाते रहो
आशावान रहो,आशायें ही बधाते रहो
खुश रहो सभी को खुशियां बांटते रहो
जीवन है अनमोल सबको बताते रहो
जीवन के हर पड़ाव पर मुस्कुराते रहो
दूसरों के लबों पर भी मुस्कान लाते रहो
सभी से दुआएं पाते रहो
जीवन है अनमोल सबको बताते रहो।
By PratimaPandey
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