कोई इंतेहा नहीं,

ज़िंदगी के इम्तेहान की।

बात हो चाहे फिर जैसे भी प्यार की,

 मंज़िल मिलने से पहले,मुश्किलें आयेंगी ही हजार जी।

समझ लीजिए कि बिना कुछ खोए , नहीं यहां कुछ पाना है आसान जी।

Pratima Pandey