ईश्वर के सामने हाथ जोड़े, सिर झुकाए
खड़े रहना ही केवल प्रार्थना नहीं है ।
किसी जरूरतमंद की सहायता करना ,
किसी के उदास चेहरे पर मुस्कान लाना ,
किसी के दुख में उसे ढांढस बंधाना,
किसी भूखे को खाना खिलाना,
ये सब भी ईश्वर की प्रार्थनाएं हैं ।
- प्रतिमा पांडेय


