जो बोयें हो किसी की राह में कांटे
खिल जाएंगे तुम्हारे जीवन में फूल ,ये मुमकिन न होगा
दियें हो गर किसी को गम
खुशियों का चमन तुम्हें भी मयस्सर ना होगा
किया हो गर किसी से फरेब
किसी और से वफा मिलने की उम्मीद मत करना
जो की हो किसी से बेवजह नफरत
मिल जाए तुम्हें बेइंतेहा प्यार, कभी ये मुमकिन ना होगा
वो जो ऊपर बैठा है ना, सब का हिसाब रखता है
उसकी फितरत है वो इंसाफ करता है....।
प्रतिमा पांडेय


