कोई ख़्वाब जो टूट जाए

तो नींद से रिश्ता नहीं तोड़ते


मन्नतें अधूरी भी कभी रह जाती हैं 

लोग रब पे यकीन करना नहीं छोड़ते


प्रेम के बदले हमेशा प्रेम नहीं मिलता

मगर क्यों कोई उम्मीद रखना छोड़ दे


सफर के रास्ते में हो लाख कठिनाइयाँ

मुसाफिर मंजिल की तरफ बढ़ना नहीं छोड़ते


~ प्रतिमा पांडेय