जिसकी तुम लेते हो कोख़ में ही जान
सिर्फ पराया धन जान
उस नन्हें से दिल में तुम्हारे लिया होता है अथाह प्यार,
अभी तो देखा भी नहीं होता उसने तुम्हारा व्यहवार।
एक मां से उस की बेटी छीन लेते जो
क्या उन्हें नहीं आती तनिक भी लाज ।
बिना किसी डर कर जाते हैं वो ऐसा जघन्य अपराध
जीवन देतें है जो ,उनका भी नहीं रहा भय आज।
गलत तो वो भी हैं जो देते हैं इन अपराधियों का साथ।
पढ़ लिखकर भी है उनकी डिग्रियां बर्बाद,
गर कर ना सके किसी की जिन्दगी आबाद।
आग्रह है सब से मेरा आज
अपनी बेटियों को देखने दीजिए संसार।
यकीन मानिए बदल जायेंगे आपके विचार,
जब भी आप देखेंगे उसकी निश्चल मुस्कान।
उसकी हंसी से महकता रहेगा सदा आपका घर संसार।
हर गम भूल जाएंगे आप,
इतना देगी वो आपको प्यार।
रोशनी से कराएगी वो आपकी पहचान,
बस अपने घर के उजियारे को आने तो दें आप।
पढ़ लिख कर रोशन करेगी आपका नाम,
हमेशा रखेगी वो आपका मान।
सदा रहेगा उसको बस आपका ख्याल।
मां बाप से सबसे ज़्यादा बेटियां ही तो करतीं है प्यार,
जरूरत पड़ी तो बन जाएगी वो आपकी ढाल।
बेटा शायद छोड़ भी जाए आपको,
बेटियां दूर रहकर ,भी रह जाती हैं आपके पास।
हां ! कहीं भी हों रखा करतीं अपने मां पापा का ध्यान,
कृपा कर इन्हें दीजिए अपनी गोद में स्थान।
हर कदम पर देती हैं बेटियां साथ
इन्हें मारकर कुछ ना पाएंगे आप
अपराधबोध से दब के एक दिन खत्म हो जाएंगे आप
खोकर एक मासूम को बहुत कुछ गवाएंगे आप।
@PratimaPandey


