माना अब तक नहीं भर सकी थी वो उड़ान
अब उसे भी चाहिए अपने हिस्से का आसमान
ना रोक सकेगा उसे ये जमाना और अब
तोड़ना समाज की बेड़ियों को लिया है उसने ठान।
@PratimaPandey


माना अब तक नहीं भर सकी थी वो उड़ान
अब उसे भी चाहिए अपने हिस्से का आसमान
ना रोक सकेगा उसे ये जमाना और अब
तोड़ना समाज की बेड़ियों को लिया है उसने ठान।
@PratimaPandey