अचरज नहीं होता ज़रा भी,
भीड़ भरी इस दुनिया में
देख उनका सूनापन,
सिर्फ और सिर्फ अपने लिए
ही हो जिन्हें जीना पसंद ।
- प्रतिमा पांडेय


अचरज नहीं होता ज़रा भी,
भीड़ भरी इस दुनिया में
देख उनका सूनापन,
सिर्फ और सिर्फ अपने लिए
ही हो जिन्हें जीना पसंद ।
- प्रतिमा पांडेय