"परिणाम अक्सर प्रक्रिया से अधिक मोहक प्रतीत होता है। हम परिणाम की कल्पना तो कर लेते है किंतु जब बात उसे प्राप्त करने के संघर्ष की आती है तो हम कदम उठाने में संकोच करते है और यही कारण है कि हम कितने ही सपनों को पूरा करने में चूक जाते है।"
-प्रतिक्षा यादव


