हर बार जितना क्यूँ हैं
अपनो से ही लढना क्यूँ हैं
खुद को एक मौका तो दे दे गालिब
जिंदगी को कूछ चीझे सुलझाने तो दे
तेरा भी दौर होगा , तेरी भी दुनिया होगी
तेरे हीं सपने होंगे सबकूछ तेरा होगा
सब साथ तेरे अपने होंगे बस तू थोडासां इंतजार तो करले...
प्रतिक्षा...✨✨
