पता नहीं इंसान, इंसान को इंसानियत की नज़र से देखता क्यों नहीं..

 हर बार उसे तोलता है अपने ही बनाये हूए संज्ञाओ में खुद के लिए दिल और दुसरो के लिए दिमाग को दौडता है पर जब बारी अस्पातल में कभी खून की आति है तो वो लाल ही दिखता है..

पर‌ फिर भी इंसान इंसानियत की नजर से देखता क्यूँ नहीं ☹️..

✍प्रतिक्षा...