तुटते हुए तारे से क्या माँगनाजो खुद बीखरकर तूट पडा हैंउसे अपना गम क्या बाटनाले जा उसे अपने साथ काही बाट ले अपनी खुशीया वहीबाँटने दे उसे भी अपना गम मिलके खोल जिंदगी के रंग llप्रतिक्षा...
तुटते हुए तारे से क्या माँगनाजो खुद बीखरकर तूट पडा हैंउसे अपना गम क्या बाटनाले जा उसे अपने साथ काही बाट ले अपनी खुशीया वहीबाँटने दे उसे भी अपना गम मिलके खोल जिंदगी के रंग ll
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