तुझसे ही सिखा हैं असिमित सपने देखना
उडते पंछियोंको निहारना....
हर गम हर खुशी को अपनाना
जैसे कभी घने बादल से सूरज को छुपाना ,तो कभी इंद्रधनु को लहराना....
तेरी तरफ देखती हू तो सारे गम भूल जाती हू आँखें रोशनी से झिलमिलाती हैं तुझे देख के पता नही हे आसमा क्या जादू हैं तेरा मेरे अरमानो के लिये...

 ✍प्रतिक्षा...