नास्तिक हूँ मुझे नास्तिक ही रहने दो इन मंदिरों और मीनारों का मुझे शौक नहीं, दिल में बसे आशाओं को भगवान बोल जाने का मुझे शौक़ नहीं, खुद की खुदगर्ज़ी को खुदा कह जाने का मुझे शौक़ नहीं, इबादत के इबादतगाहों में घूम आने का मुझे शौक़ नहीं, अरमानों के फरमाइश में सर झुकाने का मुझे शौक़ नहीं, अधर्मों के घूँघट तले धर्म का मुझे शौक़ नहीं, जरूरत नहीं हर फरियाद दिखाने का इन दिखावों का मुझे शौक़ नहीं, नास्तिक हूँ मुझे नास्तिक ही रहने दो इन दीदारों का मुझे शौक़ नहीं।