पता चल जाता तो मैं आता ही नहीं,
दिले ए बेताब को बताता ही नहीं|
तू मिलेगा और जख्म दे जायेगा,
मेरी जां रातों को जगाएगा|
पता चल जाता तो मैं आता ही नहीं,
दिले ए बेताब को बताता ही नहीं|
तेरी सूरत में जो छिपता है,दिखता ही नहीं,
तू मुझसे खेलेगा लगता था नहीं|
पता चल जाता तो मैं आता ही नहीं,
दिले ए बेताब को बताता ही नहीं|
प्रतिभा पाल


