दो लब,दो लोग,दो शब्द .....
जब चलते हैं तो बातों का कारवां चलता है|
दो लब,दो लोग,दो शब्द .....
जब मौन हों तो अन्दर का समन्दर उफान भरता है|
दो लब,दो लोग,दो शब्द .....
में जब कोई एक बोले तो दूसरे का मन उस एक के मन को पढ़ता है|
दो लब,दो लोग,दो शब्द .....
में जब कोई एक चुप हो तो बोलने वाले का मर्म उसकी भीगी पलकों से टपकता है|
दो लब,दो लोग,दो शब्द .....
जब बातों का कारवां बढ़ाते हैं तो शाश्वत प्रेम पलता है|
प्रतिभा पाल


