बोने हैं जो मधुबन के फूलों में बिरह लायेमैंने देखा कैसे भंवरे छुप - छुप कर बिलखायेक्या समझाऊँ रूठी - मुरझी बेलों कोहर हुए इन घावों का सारहै! सजगता ही श्रंगारहै! सजगता ही श्रंगार
बोने हैं जो मधुबन के फूलों में बिरह लायेमैंने देखा कैसे भंवरे छुप - छुप कर बिलखाये
क्या समझाऊँ रूठी - मुरझी बेलों कोहर हुए इन घावों का सार
है! सजगता ही श्रंगारहै! सजगता ही श्रंगार