बयान करूं क्या अपनी फकीरीन जीवन, न शब्द, न स्याही है मेरीऔर धन कहूं तो अपार है इतना,जगत स्वामिनी राधा जी मेरी
बयान करूं क्या अपनी फकीरीन जीवन, न शब्द, न स्याही है मेरी
और धन कहूं तो अपार है इतना,जगत स्वामिनी राधा जी मेरी