इक वफा का हमारे पास ख़त तो हैगैर की सही उसके पास छत तो है

कल बामे फलक पे चाँँद को देखा

और ये सोचा दूर जाने की हद तो है

इक चिंगारी जब खाक कर गई

लगा जवानी तूफाँ की जद तो है