अमीर घरों से गुजर जाती है।    

 साजिशन बारिश बेघर पे आती है   

इस दौर मे इज्ज़त तब मिलती है 

जब गैरत घुट के मर जाती है  

तुम्हारी हार पे कहा इक शख्स ने

वो देखो वेश्या घर को जाती है

दानवीर पैदा होते है शहर मे  

जब बस्तियाँ जल जाती है