तुम उदास हो या ये मासूमियत है,
सयोनि(beloved) तेरी हँसी मैं कोई एहसास है घुला हुआ।
एक नूर है और है सुकूँ हर हर्फ(alphabet) में कुछ राज है
ख़्वाविदा(dreamy) सी जिंदगी मैं जोड़े कई जज्बात है।
तुम हो इनायत(blessings) और वस्ल(passion) भी
तुम मुख़्तलिफ़(different) पर रिवायत(tradition) भी
तेरी आवाज के अन्दाज ने
मेहरू किया नूरी हुआ है ये जहाँ और वो जहाँ
तू इंतजार है या खामोसी
सयोनि तेरी आंखों मैं कोई इज़तरार(बैचेनी) है छुपा हुआ।
सवारे रूप जो अपना हया की आबरू भी क्या
मुख़्तसर(छोटा) लिफाज मैं चांद देखो छिपकर बैठा है।
लपेटे जुल्फ जो उंगली सरारे(पर्दे) गिर गए सारे
कमर में सुर कई कोई मिलाकर झूमता देखो
गले की गहराइयों मैं हाला(शराब) को छुपाया है
लबो पे तबस्सुम(मुस्कान) सजाये वो कैसे घूमता देखो
सिफारिस करुं मैं तेरी क्या वो भी कमबख्त हैं मिला हुआ
सयोनि तेरी आंखों मैं कोई इज़तरार है छुपा हुआ।
सयोनि तेरी हँसी में कोई एहसास है घुला हुआ।।

