बात इतनी सी है

अभी कुछ पी ही नहीं

अभी तो शुरूवात की है

अभी आंह ली हीं नहीं


अभी आंखे खुली है

अंगडा़ई ली हीं नहीं

अभी जंग छिडी़ हैं

लडा़ई  की हीं नहीं

 

अभी ख्वाब पले है

चिन्गारी दी हीं नहीं

अभी कदम रखें है

जिन्दगी जीं हीं नहीं