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हे राम


हे राम लो आकर कलयुग मेफिर प्रचंड महाकाल अवतारघर घर रावन विक्राल है बैठाकरो आकर फिर इनका संघार

वीर, नीड़, धैर्य, धर्म के दाता रामआओ फिर बनकर चक्रधारी श्यामअंधकार मे डूबी मानवता कोकरो उजागर फिर हे घनश्याम

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