चेहरे से हर नक़ाब उतर जाने दीजिए,ख़ुद को भी आज दर्द से भर जाने दीजिए।ये सोचिए नहीं कि कोई अपना है यहाँ,जो जा रहा है शख़्स अग़र जाने दीजिए।
चेहरे से हर नक़ाब उतर जाने दीजिए,ख़ुद को भी आज दर्द से भर जाने दीजिए।
ये सोचिए नहीं कि कोई अपना है यहाँ,जो जा रहा है शख़्स अग़र जाने दीजिए।