
ज़िन्दगी बेसबब-बेअदब-नाकाम गुज़ारी हमने,
ना किया नाम कोई बदनाम गुज़ारी हमने,
तेरे दामन पे मेरे महबूब कोई दाग ना हो,
ख़ुद पे लेकर सभी इल्ज़ाम गुज़ारी हमने,
फ़िर किसी शाम तेरे हुस्न का जलवा देखें,
इसी उम्मीद में हर शाम गुज़ारी हमने,
ख़
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