चलो फांसले मिटाने की बात करते हैं,
फिर से करीब आने की बात करते हैं,
जो लम्हें हमने गुज़ारे थे मोहब्बत में कभी,
चलो फ़िर से उन ज़मानो की बात करते हैं,
इन तल्ख़-तानो से कुछ हांसिल नहीं होगा,
चलो इक दूजे का साथ निभाने की बात करते हैं,
अब तक इक मकाँ में रह रहे थे हम,
चलो अब अपना घर बनाने की बात करते हैं,
इक उम्र आंसुओं में गुज़ार दी हमने,
चलो अब सिर्फ़ मुस्कुराने की बात करते हैं,
देखो अब बच्चे भी बड़े होने लगे,
चलो उन्हें कुछ बनाने की बात करते हैं,
चलो फांसले मिटाने की बात करते हैं,
फिर से करीब आने की बात करते हैं.