आज फिर उसकी याद में
दिल मे चुभन है,
आज फिर जुबां खामोश
और आंखे ये नम है ।
आज फिर उसके बिना जीना
बेमानी सा लग रहा है ,
आज फिर वक्त थम सा गया है
जैसे ये इश्क़ नही कोई सजा या सितम है ।।


आज फिर उसकी याद में
दिल मे चुभन है,
आज फिर जुबां खामोश
और आंखे ये नम है ।
आज फिर उसके बिना जीना
बेमानी सा लग रहा है ,
आज फिर वक्त थम सा गया है
जैसे ये इश्क़ नही कोई सजा या सितम है ।।