होती है मौत भयानकदूसरे की , अपनी हसीन ।है मुझे मौत का इंतज़ारआजा करदे मेरी रात रंगीन ।किया है मौत से मुहब्बतहै ये शायद ज़ुर्म ज़रा संगीन ।प्रणव यादव
होती है मौत भयानकदूसरे की , अपनी हसीन ।है मुझे मौत का इंतज़ारआजा करदे मेरी रात रंगीन ।किया है मौत से मुहब्बतहै ये शायद ज़ुर्म ज़रा संगीन ।
प्रणव यादव