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इंतज़ार


होती है मौत भयानकदूसरे की , अपनी हसीन ।है मुझे मौत का इंतज़ारआजा करदे मेरी रात रंगीन ।किया है मौत से मुहब्बतहै ये शायद ज़ुर्म ज़रा संगीन ।

प्रणव यादव

— Twitter - @pranavindian1
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