घने बीहड़ों के बीच मे, जो राह नही भूलता।
वह सर्वत्र रोशनी फैला खुद फलता-फूलता।
दीया खुद अंधेरे में रह चहुंओर प्रकाश फैलाता।
जग के सारे दुख-तकलीफ़ को नित झुठलाता।


घने बीहड़ों के बीच मे, जो राह नही भूलता।
वह सर्वत्र रोशनी फैला खुद फलता-फूलता।
दीया खुद अंधेरे में रह चहुंओर प्रकाश फैलाता।
जग के सारे दुख-तकलीफ़ को नित झुठलाता।