तुम शरीक-ए-हयात हुए,ये एक इत्तेफ़ाक़ था।तुम आलम-ए-हयात बन गए,बस यही इश्क़ है।
तुम शरीक-ए-हयात हुए,ये एक इत्तेफ़ाक़ था।
तुम आलम-ए-हयात बन गए,बस यही इश्क़ है।