रहम कर ..
ए #बेरहम मुझ पे
ख्वाबों में आकर
ना तड़फा मुझको
रूबरू ग़र चाहे
मिलना तू मुझसे
थोड़ी सी तेरे दिल में
मै जगह चाहूं तुझसे
माना बैचेन हूं मै
पर .
थोड़ी बैचेनी चाहूं में तुझसे
सुखी धरा है इश्क़ की मेरी
बस
मै भीगना चाहूं बस तुझसे
रहम कर ..
ए #बेरहम मुझ पे...
~PRAHLAD कुमार PUROHIT ~


