सुन,

तुझसे है

#आगाज मेरा

तुझ पर ही

विराम

#बेपनाह है

इश्क़ तुझसे

कैसे करूं

बखान ....

रूह तलक

तुम बसे हो मेरी

बाकी जग

वीरान ....

दिल करता

#दीदार तेरा

बेचारा हो

फिर कैसे ले

संज्ञान .....

prahlad कुमार purohit