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तरक्की


नज़रें मिलाने से जो कतराते रहें हैं,बड़े अदब से गले लगाने लगे हैं..

तरक्की भी अजीब शय है यहाँ ,तजुर्बे-ए-जिंदगी ये बताने लगे हैं..

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