सूरज ढलते शाम जो आये,एक ख्याल आहत कर जाये।दिन गुजरा या उम्र है गुजरी,खामोशी के बादल घिर आये।
सूरज ढलते शाम जो आये,एक ख्याल आहत कर जाये।
दिन गुजरा या उम्र है गुजरी,खामोशी के बादल घिर आये।