प्रिय आने का दिवस बता दो
हर पल तेरी राह निहारूँ
जग भर के ताने भी सुनकर
तुमको अपनी दुनियाँ मानूँ
पलकों पर पलकें ना झपके
अधरों से तेरा नाम पुकारूँ
प्रिय आने का दिवस बता दो
हर पल तेरी राह निहारूँ।
नित रोज नये श्रृंगार करके
तेरी ही तस्वीर निहारूँ
रातों को भी चैन नही है
ख्वाबों में तेरा दीदार करूँ
बिन अश्रुवन के रोना कैसा
तेरी बातों का मैं मान रखूँ
प्रिय आने का दिवस बता दो
हर पल तेरी राह निहारूँ।।
मौसम का भी जुल्म अलग है
सावन मेरे मन को जलाये
बारिश की प्यारी बूदों में
कैसे तुमको नजर अंदाज़ करूँ
प्रिय आने का दिवस बता दो
हर पल तेरी राह निहारूँ।।।
Pragya Shukla


