जब किसी की ख्वाहिश बस इतनी सी हो

तुम्हारे माँ की पहनी हुई पीली साड़ी

और वो हरी चूड़ियाँ,


कभी जिसे देखकर

दफ्तर से आये पिता जी की थकान

तब्दील हो जाया करती थी

ताजगी और चंचलता में

तो सहेज लेना ऐसी लड़की को

जीवन भर के लिये।