दुकानों में,
बिखरी हुई किताबों की ये भीड़
कोई मामूली हूजूम नहीं।
जिंदगी में,
बिखरी हुई विकट से विकट
परिस्थितियों को संभालने की शक्ति है।


दुकानों में,
बिखरी हुई किताबों की ये भीड़
कोई मामूली हूजूम नहीं।
जिंदगी में,
बिखरी हुई विकट से विकट
परिस्थितियों को संभालने की शक्ति है।