पिता होता है...

शिव का दूसरा रूप,

जो समाज के विष को स्वयं धारण करके

आने वाले प्रलय से बचाता है अपना परिवार। 


पिता जीता है...

तीनो को एक साथ,

बीते दिनों की स्मृतियाँ

आज का संघर्ष

और आने वाले दिनों को अपने बच्चों में।